पुस्तक परिचर्चा : “आरोपित एकांत” एवं “जान है तो जहान है” के मुखपृष्ठ का अनावरण

bookdhara
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रंगमंच की दुनिया मे असमंजस बाबू के नाम से विख्यात राकेश यादव जी, प्रो0अजय जेटली एवं अनेक सम्मानीय विद्वजनों तथा अनेक मीडिया प्रभारी/पत्रकारों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस मौके पर दोनों पुस्तकों के सम्पादक एवं संकलनकर्ता अमित राजपूत स्वयं मौजूद रहे और दोनों पुस्तकों पर अपने विचार व्यक्त किए…

कार्यक्रम का संचालन इंक पब्लिकेशन के प्रबंध निदेशक दिनेश कुशवाहा ने किया। आभार ज्ञापन एवं समापन जिलाधिकारी फतेहपुर संजीव सिंह जी ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आर. रमेश कुमार (मंडलायुक्त प्रयागराज), विशिष्ट अतिथि आचार्य पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रसिद्ध भाषाविद्द एवं समीक्षक), संजीव सिंह (जिलाधिकारी फतेहपुर) आयोजक की भूमिका में रहे।

उल्लेखनीय है कि इंक पब्लिकेशन से शीघ्र प्रकाशित होने वाली दोनों पुस्तकें वैश्विक महामारी ‘कोविड-19′ के परिणामस्वरूप लाॅकडाउन से उपजे सामाजिक आपातकाल में साहित्य-सर्जन के एक अनूठे प्रयोग के रूप में मुद्रित हुई हैं। इसके प्रयोगकर्त्ता फतेहपुर के ज़िलाधिकारी संजीव सिंह का कहना है, ”आरोपित एकांत’ फतेहपुर के नागरिकों-द्वारा लाॅकडाउन के दौरान उपजी विद्रूपताओं और कुछ अनूठे सकारात्मक पहलुओं के सजीव संस्मरणों का संग्रह है। ‘जान है तो जहान है’ कोरोना-काल की उन कविताओं का विशिष्ट संग्रह है, जिनके सहारे नागरिकों को कोरोना से दो-दो हाथ करने की प्रेरणा प्राप्त हुई है।”

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