यूपीयूएमएस में मिशन शक्ति का आयोजन,मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम

bookdhara
By
3 Min Read

इटावा उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजकुमार ने महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण से सम्बन्धित व्यापक जागरूकता कार्यक्रम मिशन शक्ति का उद्घाटन द्वीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मिशन शक्ति की मुख्य कोआर्डिनेटर डा0 कीर्ति जयसवाल के अलावा प्रतिकुलपति डा0 रमाकान्त यादव, संकायाध्यक्ष डा0 आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा0 आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा, फैकेल्टी डा0 आशा पाठक, प्रजापति ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से बहन कुमारी निधि, फैकेल्टी मेम्बर, पीजी मेडिकल स्टूडेन्ट्स आदि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजकुमार ने कहा कि आधुनिक समाज महिला के अधिकारों को लेकर ज्यादा जागरूक है। महिलायें हमारे देश की आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं तथा राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भारतीय समाज में महिला सशक्तिकरण लाना है तो महिलाओं के खिलाफ पूर्व से चली आ रही कुप्रथाओं तथा भेदभावपूर्ण नियमों को बदलना होगा।

इस अवसर पर मिशन शक्ति की मुख्य कोआर्डिनेटर डा0 कीर्ति जयसवाल ने बताया कि महिलाओं, बालिकाओं व बच्चों को खुद की सुरक्षा, सम्मान व स्वालम्बन के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान मिशन शक्ति का शुभारंभ नवरात्रि के पहले दिन यानी आज से किया जा रहा हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सहभागिता एवं सुरक्षा के लिए अभियान चलाकर आत्मरक्षा हेतु जागरूक तथा प्रशिक्षित करना है। यह अभियान पूरे एक सप्ताह चलेगा जिसमें महिलाओं एवं बालिकाओं की सहभागिता एवं सुरक्षा से सम्बन्धित पोस्टर प्रदर्शनी, मूवी शो, जूडो-कराटे तथा स्वरक्षा प्रशिक्षण आदि का आयोजन किया जायेगा।

फैकेल्टी मेम्बर डा0 आशा पाठक तथा प्रजापति ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से बहन कुमारी निधि ने बताया कि हमारे आदि ग्रंथों में नारी के महत्व को मानते हुए बताया गया है कि ‘‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः‘‘ अर्थात जहाॅ नारी की पूजा होती है, वहाॅ देवता निवास करते हैं। लेकिन विडम्बना यह है कि नारी में इतनी शक्ति होने के बावजूद भी आज उसके सशक्तिकरण की अत्यन्त आवश्यकता है। डा0 आशा पाठक ने कहा कि देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में महिलाओं के अधिकारों और मूल्यों को मारने वाली उन सभी राक्षसी सोच जैसे दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा आदि को खत्म करना होगा।
रिपोर्टर-शिवम दूबे

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *