साल 2020: महामारी के बीच उम्मीद की किरण जगाता इंक पब्लिकेशन

bookdhara
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साल 2020 हमेशा वैश्विक महामारी के लिए जाना जायेगा | ये साल अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक बुरे सपने से ज्यादा कुछ नहीं। जहाँ एक ओर कोरोना महामारी का तांडव रहा, तो वहीं दूसरी ओर सभी के लिए वित्तीय संकट का सबसे बुरा दौर साबित हुआ।

इस तनाव से उपजे संकट ने दोनों ही तरह से लोगों को तोड़ कर रख दिया। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी उभरकर सामने आये जिन्होंने इस बुरे दौर में भी अपने आप को न केवल सम्भाला, बल्कि स्थापित भी किया। तो मैं बात कर रहा हूँ प्रकाशन की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम- इंक पब्लिकेशन (प्रयागराज) जिसके प्रबन्ध निदेशक और संस्थापक हैं- दिनेश कुशवाहा।

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दिनेश कुशवाहा एक सफल लेखक, सम्पादक होने के अलावा एक उभरते हुए उद्यमी हैं, जिन्होंने इस बुरे दौर में भी इंक पब्लिकेशन को ज़ीरो से महज़ एक साल के अन्दर एक ऐसे मुकाम पर पहुँचाया, जहाँ पर हर वो संस्था या इंसान होना चाहता है, जो अपने आप को स्थापित करने के संघर्ष में है।

उनके अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि- महज़ एक साल के भीतर इंक पब्लिकेशन के पास आज 16 विधाओं में 84 से अधिक टाइटल हैं, जिनमें 60 टाइटल प्रकाशित हो चुके हैं, बाकी 28 प्रकाशन प्रक्रिया में है। उन 84 में 56 टाइटल ऐसे हैं, जिनका निःशुल्क प्रकाशन किया गया है।
ख़ास बात है कि आज इंक पब्लिकेशन प्रकाशन जगत में न केवल लगातार आगे बढ़ रहा है, बल्कि अपने आकर्षक प्रोडक्शन और बेहतरीन प्रेसेंटेशन को लेकर पाठकों व लेखकों के बीच लगातार चर्चा में रहता है।

  • डॉ0 विनय कुमार श्रीवास्तव
    असिस्टेंट प्रोफेसर-
  • (राजकीय महाविद्यालय, गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड)
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